शालिनी उठकर अपनी सेक्सी गांड हिलाते हुए किचन में चली गई तो में उसकी गांड की थिरकन को उसकी सेक्सी नाइटी से देख कर लंड को एडजस्ट किया जो उठ चुका था ।
शालिनी ने किचन में घुसने से पहले घूम कर देखा और मेरी नजर अपनी गांड पर पाकर वो मुस्कराई तो में उसे आंख मारा।
शालिनी मुस्करा कर वहीं से बोली ,-- साले , कुछ तो शरम कर लिया कर ।
में ,-- जब तुझे शरम नहीं है तो में क्यों शरमाऊं।
शालिनी ,-- मैने क्या बेशर्मी की ।
में ,- आय हाय , मेरी भोली बहन , इतनी सेक्सी नाइटी पहन कर गांड मटका कर चल रही है और में अपनी आँखें बंद कर लूं ।
शालिनी ,-- मुझे पता था कूते , तू इसलिए ऐसी नाइटी खरीदना चाहता था ताकि तेरी गन्दी नजर अपनी छोटी बहन के बदन को देख सके ।
में ,-- तो मत पहना कर , बन जा गँवार वापस ।
शालिनी किचन में चली गई तो मुझे मां की बात याद आई और फिर मैने मोबाइल देखा जिसमें उसने इस सप्ताह मैनेजर साहब के शहर आने की सूचना थी । में सोचने लगा कि उस मैनेजर का घर महंगी कॉलोनी में है और उस को कैसे तैयार करूँ ।
फिर मैने सोचा कि एक बार उस से मिल कर देखता हूं दो दिन बाद तो आ ही रहा है ।
इधर शालिनी बोतल और गिलास के साथ पानी की बोतल और नमकीन ला चुकी थी और मुझे देख कर बोली ,- क्या सोच रहे हो भाई जी ।
में मुस्करा कर,- कुछ नहीं ।
शालिनी ,-- आप खुश तो हो ना या अभी भी मेरे साथ रहकर अपनी फ्रीडम को मिस कर रहे हो ।
में मुस्करा कर,-- साली को एक थप्पड़ मारूंगा । तूने आकर मेरी जिंदगी को रंगीन बना दिया ।
शालिनी ,-- वो कैसे ।
में ,-- मैने कभी नहीं सोचा था कि मेरी शालू मुझे इतना मजा करवाएगी और जो मैने अब तक नहीं किया था वो भी कर लिया ।
शालिनी मुस्करा कर,-- क्या नहीं किया था , दारू तो पीते ही थे ।
में ,-- रांड बाजी नहीं की थी ।
शालिनी ,-- बोलो तो उसे दुबारा बुला दूं ।
में ,-- उसके साथ मजा नहीं आया मुझे ।
शालिनी मुस्करा कर ,-- रिया कैसी है ।
में ,,-- अच्छी है पर तुम्हारे साथ जो फिलिंग आती है वो किसी और के साथ नहीं आती।
शालिनी मुस्करा कर ,-- अब बनाओ ना पेग ।
में ,-- तू भी सिख ले बनाना , काम आयेगा तेरी शादी के बाद जब अपने हसबैंड को बनाकर पिलाएगी ।
शालिनी ,-- लगता है तुझे इज्जत पसंद नहीं है जो गाली सुन ना चाहता है ।
में ,-- तो दे ना बहना , तेरे मुंह से सुन ने में मजा आता है ।
शालिनी ,-- साले मदर फुकर , मैने कभी पेग बनाया है क्या पहले जो मुझे बोल रहा है ।
में मुस्करा कर शराब की बोतल ली और उसमें से दो पेग के जितना वाइन लेकर उसमें पानी डाला तो शालिनी ध्यान से देखने लगी और फिर मैने पेग उठा कर उसके मुंह से लगाकर उसे एक शिप पिलाया और बोला
में ,-- अब सिख गई ना , जब दो लोगों के लिए बनाना हो तो ऐसे बनाते है नहीं तो वाइन आधी होनी चाहिए ।
शालिनी मुंह बनाकर नमकील खाई और बोली ,-- तुम्हे क्या लगता है में तुम्हारे सिवाय किसी और के साथ भी पियूंगी ।
में ,--:ये मैने कब कहा।
शालिनी ,-- तो फिर इतना समझाने की क्या जरूरत है ।
में ,+- क्योंकि अब पेग तू ही बनाएगी ।
शालिनी ,-- में क्यों ।
में ,-- तेरे जैसी मस्त हसीना इतनी सेक्सी ड्रेस पहन कर शराब का पेग बनाएगी तो मजा आएगा देख कर।
शालिनी मुस्करा कर,-- साले तू कहना क्या चाहता है में बार गर्ल हूं ।
में ,-- नहीं है तो बन जा ।
शालिनी ,-- चुप हराम जादे। में तुझे भाई जी समझती हूं और तू मुझे दो कौड़ी की बार गर्ल समझता है ।
में ,-- में तो तुझे वो भी बोला था मॉल में उस सेल्स गर्ल को तो तू हो गई क्या ।
शालिनी मुस्करा कर,-- साले, तू दिखता भोला है पर अंदर से पूरा हरामी है ।
में ,-- तो तू भी थोड़ी देर बन जा ना बार गर्ल।
शालिनी मुस्करा कर ,- फिर क्या करूं बनकर ।
में ,- अकेली ही पी गई मुझे नहीं पिलाएगी ।
शालिनी मुस्करा कर,-- बार गर्ल से पियेगा या अपनी बहन के हाथ से ।
…

.
में ,-- बार गर्ल ऐसी ड्रेस पहन कर नहीं पिलाती इसलिए बहन बन कर ही पिला दे ।
शालिनी ,-- वो कैसी ड्रेस पहनती है फिर ।
में मुस्करा कर,-- वो ब्रा पेटी ही पहनती है या फिर छोटा सा स्कर्ट टॉप जो नाइटी का लास्ट पीस में है।
…
शालिनी खड़ी होकर ,-- अभी तो बहन के हाथ से ही पी लो भाई जी ।
शालिनी ने पेग मेरे मुंह से लगाया तो में बड़ा सा घूँट पी कर नमकीन खाया और बोला ,-- फिर वो ड्रेस बेकार ही खरीदा है मैने ।
शालिनी ,-- थोड़ा टाइम दो भाई जी , अभी मुझे थोड़ा मेच्योर होने दो फिर में सब पहन कर दिखा दूंगी ।
में ,-- मुझे भी जल्दी नहीं है शालू , तू खुद को प्रिपेयर कर ले आराम से ।
शालिनी ,-- थैंक्स भाई जी , में अभी बहुत नई हूं और सुबह तो में आप से आंख भी नहीं मिला पाई और पिघल गई आपके करीब आने से ही ।
में ,-- मेरे साथ भी यही हुआ था शालू , में तुम्हारे चेहरे को देख कर ही पूरा पिघल गया ।
शालिनी मुस्करा कर,-- थैंक्स भाईजी मुझे समझने के लिए और आपकी सहन शीतला के लिए ।
में ,-- मैने कौनसा सहन किया ।
शालिनी ,-- आप मेरे होंठों के इतने पास आकर भी इन्हें चूमे नहीं ।
में ,-- में चूमने वाला ही था कि तुम पिघल गई तो सोचा अब तभी चूमेगा जब तेरि आंखे खुली होंगी।
शालिनी मुस्करा कर ,-- इसलिए मैने पेग की बात की थी ।
में ,-- कैसे ।
शालिनी मुस्करा कर,-- आप मेरी आंखों में देखिए में कोशिश करती हूं कि मुझे शरम नहीं आए ।
में ,-- थोड़ा नजदीक आ ना फिर , ताकि तेरी आंखों में गहराई तक देख सकूं ।
शालिनी अपनी कुर्सी को नजदीक लेकर आई और मेरी आंखों में आंखें डालकर बैठ गई तो हम पेग को भूल गए और आंखों ही आंखों से बातें करने लगे ।
शालिनी ,-- क्या देख रहे हो भाई जी ।
में ,-- कितनी सुंदर और गहराई है तेरी आंखों में ।
शालिनी ,-- और ।
में ,-- बहुत प्यार दिख रहा है इनमें मेरे लिए ।
शालिनी की धड़कन तेज हो गई और वो बोली ,-- और मेरे बड़े भैया ।
में ,-- बहन इनमें मेरी तस्वीर दिख रही है ।
शालिनी ,-- तस्वीर तो आपकी मेरी आंखों के साथ मेरे दिल में भी बसी है भाई जी ।
में ,-- हां बहन , तेरा दिल बहुत तेजी से धड़क रहा है और मेरी धड़कन भी तेज हो गई है । तुझे पता नहीं मुझे तो तेरी धड़कन अपने कानों में सुनाई दे रही है ।
शालिनी ,-- मुझे आपकी धड़कन सुनाई दे रही है भैया और में उसे कान से नहीं बल्कि शरीर के हर हिस्से पर महसूस कर रहा हूं ।
में ,-- कितनी प्यारी है तेरी ये बड़ी बड़ी आँखें ।
शालिनी पलक झपका के ,-- और आप ऐसी प्यारी आंखों वाली छोटी बहन को बार गर्ल बनाना चाहते हो भाई साहब ।
में ,-- मैने तुझे एंजॉय के लिए बोला था बहना , अगर तुझे पसंद नहीं तो मत बन । में कौनसा तुझे रियल में बार गर्ल बन ने दूंगा लाडो । में तुझे अपने दिल में छुपा कर रखना चाहता हूं ।
शालिनी ,- मुझे पता है भाई जी , आप मुझे एंजॉय के लिए बोले है पर मेरी मजबूरी समझिए ।में अभी फ्रेश हूं पूरी कोरी । मेरे बदन को मर्द के नाम पर सिर्फ आप ने छुआ है और आगे भी आप ही जिस्म के मालिक रहेंगे। मुझे थोड़ा टाइम दो भाई जी । आपकी बहन आपको बिना ब्रा पेटी के भी पिला देगी एक दिन ।
शालिनी ये बोल कर आंखे बंद कर ली और लंबी लंबी सांस लेने लगी तो में समझ गया कि वो पिघल गई पर में खुद को कंट्रोल किया ताकि सुनीता भाभी की कही बात पूरी हो ।
…
मैने बाकी बचा पेग पूरा उठाकर गटक लिया तो शालिनी ने मुझे देखा और उठ कर बाथरूम में भाग गई। में समझ चुका था कि उसकी पेन्टी भीग चुकी थी और वो बदल कर आएगी ।